हरियाणा : के बहादुरगढ़ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के छह पुलिसकर्मियों द्वारा दिल्ली के व्यवसायी को अगवा कर उनसे 22 लाख रुपये लूटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह घटना 31 अक्टूबर देर रात की है। दिल्ली पुलिस ने पहले मुकदमा दर्ज नहीं किया था।

पीड़ित के गृहमंत्री से गुहार लगाने और मंत्रालय से पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक को निर्देश मिलने के बाद मध्य जिला के रंजीत नगर थाने में 3 नवंबर को अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, फिरौती वसूलने व डकैती की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया, लेकिन 20 दिन बाद भी मध्य जिला पुलिस आरोपित पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

केस के मुताबिक, बहादुरगढ़ एसटीएफ की टीम ने हथियार दिखा कर और बुरी तरह से धमकाने व मारपीट करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। रोहिणी सेक्टर एक निवासी संजीव कुमार हैदराबाद में परिवार के साथ रहते हैं। वहां उनका इलेक्ट्रानिक आइटम्स का कारोबार है।

31 अक्टूबर की शाम 7.30 बजे वह एक्शन होम प्रोडक्शन, वेस्ट पटेलनगर में पैसे कलेक्शन करने आए थे। उनके साथ तीन कर्मचारी रानोदेव, जतिन व नीरज थे। पैसे प्राप्त करने के बाद चारों ओला कैब में बैठे। तभी बोलेरो कार सवार तीन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। चारों को कैब से खींचकर बोलेरो में बैठाने के बाद पुलिसकर्मी वहां से तेजी से निकल गए। रास्ते में उनकी जमकर पिटाई की गई, गंदी-गंदी गालियां दी गई और आंखों में पट्टी बांध दी गई।

सभी को बहादुरगढ़ में किसी ऑफिस में रखा गया। वहां व्यवसायी के पास मौजूद 9.50 लाख रुपये छीन लिए और 20.50 लाख रुपये की और मांग की गई। पुलिसकर्मियों ने ए.के. 47, रिवॉल्वर व पिस्टल दिखाकर चारों को जान से मार डालने की धमकी दी। रात करीब 11 बजे वह लोग व्यवसायी समेत चारों को बोलेरो में डालकर रोहिणी में रहने वाले सचिन अरोड़ा के पास ले आए। सचिन, संजीव कुमार के दोस्त हैं। पुलिसकर्मियों ने संजीव पर सचिन से पैसे लेकर देने का दबाव बनाया। जिस पर व्यवसायी ने सचिन से 9.50 लाख रुपये पुलिसकर्मियों के खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

डेबिट कार्ड से 3 लाख रुपये की शॉपिंग की
19 लाख रुपये लेने के बाद पुलिसकर्मी चारों को बोलेरो में डालकर रोहिणी स्थित एक मॉल में भी गए और वहां व्यवसायी के डेबिट कार्ड से 3 लाख रुपये की शॉपिंग भी की। कुछ पुलिसकर्मी व्यवसायी के कर्मचारी रानोदेव को लेकर उनके घर आ गए और घर में मौजूद नोकिया के पांच फोन व पांच हाथ की घड़ियां भी ले ली। उसके बाद रात करीब 12 बजे चारों को रोहिणी स्थित एमटूके मॉल के पास छोड़कर फरार हो गए।

पुलिसकर्मियों के जाने के बाद व्यवसायी ने अपने दोस्तों को आपबीती बताई। देर रात ही वह लोग पटेल नगर थाने आ गए और घटना की जानकारी दी। वहां से उन्हें रंजीत नगर थाने भेज दिया गया। वहां शिकायत देने पर पुलिस अधिकारी ने मुकदमा दर्ज नहीं किया और आपस में समझौता कर लेने की बात कहकर भगा दिया। उसके बाद व्यवसायी ने गृहमंत्री से शिकायत कर दी। मंत्रालय से पुलिस आयुक्त को मुकदमा दर्ज करने को कहा गया। उसके बाद तीन नवंबर को मुकदमा दर्ज किया गया। बहादुरगढ़ पुलिस ने एएसआई संदीप, कॉन्स्टेबल लोकेश और प्रमोद को सस्पेंड कर दिया है।