Faridabad : देश में हो रही रोज बलात्कार जैसी घटनाओं पर रोष व्यक्त करते हुए सोशल एक्टिविस्ट चिकित्सक डॉ आशीष मौर्य ने कहा देश में ना जाने कितनी अनगिनत बलात्कार जैसी घटनाएं रोज घट रही हैं निर्भया कांड की बात हो या फिर हैदराबाद की बेटी डॉ प्रियंका रेड्डी की और ना जाने कितने घटनाएं जो मीडिया में बहुत कम दिखाई पड़ती हैं ऐसी घटनाओं को याद करते हैं दिल सिहर जाता है आंखों में आंसू होते हैं घटना के बाद पूरा देश सड़कों पर उतर जाता है क्या पीड़िता को इंसाफ मिलता है क्या बलात्कारी कम होते हैं, या फिर उनकी हिम्मत कम होती है सच तो यही है।

कुछ नहीं होता बदले भी तो कैसे जब तक समाज में बीमार मानसिकता वाली सोच नहीं बदलेगी, तब तो कुछ बदलने वाला नहीं है बलात्कार की घटना रोकने का कार्य सिर्फ एक महिला की ही नहीं है बल्कि समाज की भी है और सरकार की भी है सब सिर्फ बलात्कार की घटनाओं को रोकने के लिए महिलाओं को ही सलाह देते हैं कि आपको ऐसे निकलना चाहिए अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखना चाहिए रात के अंधेरे में नहीं निकलना चाहिए जहां जाएं अकेले ना जाएं जहां तक की बातें कुछ हद तक सही भी है परंतु ऐसी घटनाओं की क्या जिम्मेदार सिर्फ महिला ही है ।

क्या महिला को ही अपनी सुरक्षा के लिए सोचना चाहिए क्या समाज और सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है ऐसे ना जाने कितने ही अनगिनत सवाल उठते हैं जरूरत है हमें समाज में बीमार सोच की मानसिकता में बदलाव लाने की ऐसे ठोस कानून बनाए जाने की है जिसके लिए लंबा इंतजार ना करना पड़े, महिला के साथ साथ हमें पुरुष बच्चों में भी इस तरह की घटनाओं के बारे में अच्छे बुरे अवगत कराना चाहिए जब तक ठोस और सकारात्मक कदम सरकार इस पर नहीं बनाएगी।

ऐसी ना जाने कितनी घटनाएं कितनी बेटियां हैवानियत का शिकार होती रहेंगी, क्योंकि बलात्कार की घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ महिला की नहीं है सरकार की भी है।