हरिद्वार रोड स्थित सीएमआइ अस्पताल में इलाज के लिए आई महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। महिला को अस्पताल के ही आइसीयू में भर्ती कराया गया, मगर कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। महिला का बीते दो साल से अस्पताल की एक चिकित्सक से इलाज चल रहा था। गुरुवार को वह डाक्टर को दिखाने के लिए अकेली ही आई थी। पुलिस का कहना है कि महिला के पति के दून पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने महिला के परिजनों को सूचित कर दिया है।

निवेदिता सिसोदिया (32 वर्ष) पत्नी अंकुर सिसोदिया निवासी मुजफ्फरपुर, धामपुर, बिजनौर की शादी 2009 में हुई थी। शादी के बाद उनका बच्चा नहीं हो रहा था। इसे लेकर वह बीते दो साल से सीएमआइ अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा. सुनीता प्रभाकरन से इलाज करा रही थीं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे वह डाक्टर को दिखाने के लिए अकेली ही अस्पताल आई थीं। चूंकि उस समय तक डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंची थीं, इसलिए वह अस्पताल के तीसरे माले पर चली गई और गैलरी में टहलने लगीं।

बताया जा रहा है कि उस दौरान वहां केवल एक गार्ड मौजूद था। गार्ड ने महिला को अंदर बैठने को कहा था, लेकिन वह वहीं रहीं। बताया जा रहा है इसी दौरान महिला ने गार्ड को अपना पर्स, मोबाइल और चुन्नी पकड़ा दी, इससे पहले कि गार्ड कुछ समझ पाता महिला ने गैलरी से छलांग लगा दी। गार्ड के चिल्लाने के बाद वहां भीड़ एकत्रित हो गई और अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में वहां मौजूद स्टाफ और डॉक्टरों ने महिला को आइसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया, मगर कुछ ही देर बाद महिला की मौत हो गई। उधर, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों और स्टाफ से भी पूछताछ की। एसपी सिटी प्रदीप राय ने बताया कि अभी तक की जांच में महिला के सुसाइड के पीछे डिप्रेशन की बात सामने आ रही है।

मृतका के पिता दून पहुंच चुके हैं। पति के पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। गार्ड के सामने ही लगा दी छलांग निवेदिता करीब ग्यारह बजे अस्पताल पहुंच गई थी। जबकि डॉ. सुनीता प्रभाकरन 12 बजे के बाद ओपीडी में पहुंचती हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचकर वह न तो ओपीडी में रुकी और न ही स्टाफ से बातचीत की। वह सीधे अस्पताल की तीसरे मंजिल जहां ऑपरेशन थियेटर है, चली गई और गैलरी में टहलने लगी। बताया जा रहा है कि उस समय वहां एक गार्ड के अलावा कोई नहीं था। गैलरी में धूप होने के कारण गार्ड ने निवेदिता को अंदर बैठने को कहा, मगर वह भीतर नहीं गई। कुछ देर बाद ही उसने छलांग लगा दी।

नहीं थी कोई बड़ी बीमारी

डॉ. सुनीता प्रभारकन ने बताया कि वह पिछले दो साल से उनकी मरीज थी। वह प्रेग्नेंसी न रुकने व हार्मोंस से संबंधित बीमारी का इलाज करवा रही थी। उसका इलाज ठीक से चल रहा था। इलाज के बाद वह एक बार प्रेग्नेंट हो भी गई थी, लेकिन बाद में कुछ दिक्कत आ गई थी। इससे पहले भी क भी ऐसा नहीं लगा कि वह बच्चे को लेकर तनाव में हो। गुरुवार को उसका पहले से अप्वाइंटमेंट भी नहीं था। वह न तो ओपीडी में रुकी और न ही उसने स्टाफ से कोई जानकारी हासिल की। नेहरू कॉलोनी में रिश्तेदार के यहां भी नहीं गई पुलिस के मुताबिक, महिला के नेहरू कॉलोनी में रिश्तेदार रहते हैं। अस्पताल आने से पहले वह हमेशा या तो अपने रिश्तेदार के घर जाती थीं या उन्हें फोन पर सूचित कर देती थीं। मगर गुरुवार को वह धामपुर से सीधे अस्पताल पहुंच गई।